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ब्रिटिश काल में रोज़गार हेतु दूसरे देशों में जा बसे भारतीय, जो कि अब वहाँ के नागरिक हैं, आज भी भारतीय पर्वों को पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाते हैं जिसके से तीज एक प्रमुख पर्व है। लोक आस्था के प्रमुख पर्व हरियाली तीज की हार्दिक शुभकामनाएँ।
#HariyaliTeej #IndianCultureAbroad.

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#सतलोक_Vs_पृथ्वीलोक
Sant Rampal Ji Maharaj सतलोक में बिना किये सब सुख-सुविधा उपलब्ध है।
जबकि काल लोक/पृथ्वी लोक में बिना कर्म किये कोई भी वस्तु प्राप्त नहीं होती।.

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#सतलोक_Vs_पृथ्वीलोक
सतलोक में हर हंस आत्मा का अविनाशी शरीर होता है।
जबकि पृथ्वी लोक / काल लोक में सब कुछ विनाश के अंदर आता है।
Sant Rampal Ji Maharaj.

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#सतलोक_Vs_पृथ्वीलोक
सतलोक में हर हंस आत्मा का अविनाशी शरीर होता है।
जबकि पृथ्वी लोक / काल लोक में सब कुछ विनाश के अंदर आता है।
@SaintRampalJiM.

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#सतलोक_Vs_पृथ्वीलोक
काल लोक/पृथ्वी लोक पर प्रत्येक जीव दुःखी है।
सतलोक सुख का सागर है। वहां दुख नाम की कोई चीज़ नहीं। जन्म-मृत्यु नहीं है। बुढ़ापा नहीं है।
Sant Rampal Ji Maharaj.

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#सतलोक_Vs_पृथ्वीलोक
🏡काल लोक/पृथ्वी लोक एक कैद खाना है। जहाँ पर 21 ब्रह्मांड का स्वामी ज्योति निरंजन काल/ब्रह्म आत्माओं को दुःखी करने के लिए 84 लाख योनियों में उत्पन्न करता है। जबकि सतलोक परमेश्वर कविर्देव (कबीर साहेब) का लोक है जो अजर अमर अविनाशी लोक है। जहाँ 84 लाख योनियों का.

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#सतलोक_Vs_पृथ्वीलोक
काल लोक/पृथ्वी लोक पर प्रत्येक जीव दुःखी है।
सतलोक सुख का सागर है। वहां दुख नाम की कोई चीज़ नहीं। जन्म-मृत्यु नहीं है। बुढ़ापा नहीं है। Visit Us- Satlok Ashram YouTube Channel
Sant Rampal Ji Maharaj.

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#सतलोक_Vs_पृथ्वीलोक
काल लोक/पृथ्वी लोक पर प्रत्येक जीव दुःखी है।
सतलोक सुख का सागर है। वहां दुख नाम की कोई चीज़ नहीं। जन्म-मृत्यु नहीं है। बुढ़ापा नहीं है।
Sant Rampal Ji Maharaj.

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#सतलोक_Vs_पृथ्वीलोक
काल लोक/पृथ्वी लोक में अपना किया ही जीव भोगता है। सतलोक में कोई अभाव नहीं है। सब परमात्मा के कोटे से मिलता है और इसी वजह से वहाँ राग-द्वेष नहीं है। सब मिलकर प्रेम से रहते हैं और परमात्मा का गुणगान करते हैं।
Sant Rampal Ji Maharaj.

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#सतलोक_Vs_पृथ्वीलोक काल लोक/पृथ्वी लोक में चींटी से लेकर हाथी तक, रंक से लेकर राजा तक कोई सुखी नहीं है।
सतलोक एकमात्र ऐसा स्थान है जहां राग द्वेष नहीं हैं। जहां किसी वस्तु का अभाव नहीं। से हैं। जहां बारह मास बंसत रहता है। ➡️ Sant Rampal Ji Maharaj ( YouTube में सर्च करे ).

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#सतलोक_Vs_पृथ्वीलोक
🏡सतलोक Vs काल लोक/पृथ्वी लोक
सतलोक में जन्म व मृत्यु नहीं है।
जबकि पृथ्वी पर कुछ भी स्थाई नहीं है। सब नाश्वान है।
Sant Rampal Ji Maharaj.

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#सतलोक_Vs_पृथ्वीलोक
पृथ्वी लोक/ काल लोक में सब कर्म बंधन से बंधे हैं
जीव को तीनों गुणों के प्रभाव से विवश कर सब कार्य करवाया जाता है |
जबकि सतलोक में किसी गुण का कोई दबाव नहीं है जी पूरी तरह स्वतंत्र है | Sant Rampal Ji Maharaj.

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#सतलोक_Vs_पृथ्वीलोक
🏡काल लोक/पृथ्वी लोक पर प्रत्येक जीव दुःखी है।
सतलोक सुख का सागर है। वहां दुख नाम की कोई चीज़ नहीं। जन्म-मृत्यु नहीं है। बुढ़ापा नहीं है।
Sant Rampal Ji Maharaj.

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#सतलोक_Vs_पृथ्वीलोक
🏡सतलोक में प्रत्येक हंस आत्मा का परमात्मा जैसा नूरी शरीर है। जिसका तेज 16 सूर्यों के समान है। जबकि काल लोक/पृथ्वी लोक पर सभी का पांच तत्त्व से बना नाशवान शरीर है। जिसमें हजारों तरह की बीमारियां सदैव बनी रहती हैं।
Sant Rampal Ji Maharaj.

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*#सतलोक_Vs_पृथ्वीलोक*
पृथ्वी लोक एक कैद खाना है। जहाँ पर 21 ब्रह्मांड का स्वामी ज्योति निरंजन काल/ब्रह्म आत्माओं को दुःखी करने के लिए84 लाख योनियों में उत्पन्न करता है। जबकि सतलोक परमेश्वर कविर्देव(कबीर साहेब)का लोक है जो अजर अमर अविनाशी लोक है।जहाँ84लाख योनियों का कष्ट नहीं है।.

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#सतलोक_Vs_पृथ्वीलोक
काल लोक/पृथ्वी लोक में सब कर्म बंधन से बंधे हैं। जीव को तीनों गुणों के प्रभाव से विवश कर सब कार्य करवाया जाता है।
जबकि सतलोक में किसी गुण का कोई दवाब नहीं है। जीव पूर्णतया स्वतंत्र है।
Sant Rampal Ji MaharajPhoto from Bijendra Kumar.

काल लोक Photo,काल लोक Photo by Bijendra Kumar,Bijendra Kumar on twitter tweets काल लोक Photo

सतलोक Vs काल लोक/पृथ्वी लोक
सतलोक में जन्म व मृत्यु नहीं है।
जबकि पृथ्वी पर कुछ भी स्थाई नहीं है। सब नाश्वान है।.

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#सतलोक_Vs_पृथ्वीलोक काल लोक/पृथ्वी लोक पर साधना करके जीव कुछ समय स्वर्ग रूपी होटल में चला जाता है फिर अपनी पुण्य कमाई खर्च करके वापिस नरक तथा चौरासी लाख प्राणियों के शरीर में जाता है
सतलोक में भक्ति नष्ट नहीं होती सतलोक शाश्वत स्थान है। वहां हंस आत्माएं हैं।Sant Rampal Ji Maharaj.

काल लोक Photo,काल लोक Photo by D. V. Verma,D. V. Verma on twitter tweets काल लोक Photo

#सतलोक_Vs_पृथ्वीलोक
काल लोक/पृथ्वी लोक पर प्रत्येक जीव दुःखी है।
सतलोक सुख का सागर है। वहां दुख नाम की कोई चीज़ नहीं। जन्म-मृत्यु नहीं है। बुढ़ापा नहीं है।
Sant Rampal Ji Maharaj.

काल लोक Photo,काल लोक Photo by Ramniwas bokolia,Ramniwas bokolia on twitter tweets काल लोक Photo

#सतलोक_Vs_पृथ्वीलोक
🏡काल लोक/पृथ्वी लोक पर प्रत्येक जीव दुःखी है।
सतलोक सुख का सागर है। वहां दुख नाम की कोई चीज़ नहीं। जन्म-मृत्यु नहीं है। बुढ़ापा नहीं है।
Sant Rampal Ji Maharaj
💁‍♀️अधिक जानकारी के लिए Visit👆kare.

काल लोक Photo,काल लोक Photo by Priya Mohapatra,Priya Mohapatra on twitter tweets काल लोक Photo

#सतलोक_Vs_पृथ्वीलोक सतलोक में हर हंस आत्मा का अविनाशी शरीर होता है।
जबकि पृथ्वी लोक / काल लोक में सब कुछ विनाश के अंदर आता है। ➡️ Sant Rampal Ji Maharaj ( YouTube में सर्च करे ).

काल लोक Photo,काल लोक Photo by Bindu,Bindu on twitter tweets काल लोक Photo

#सतलोक_Vs_पृथ्वीलोक सतलोक में बिना किये सब सुख-सुविधा उपलब्ध है।
जबकि काल लोक/पृथ्वी लोक में बिना कर्म किये कोई भी वस्तु प्राप्त नहीं होती।
Sant Rampal Ji Maharaj.

काल लोक Photo,काल लोक Photo by pukhraj borana,pukhraj borana on twitter tweets काल लोक Photo

#सतलोक_Vs_पृथ्वीलोक
काल लोक/पृथ्वी लोक में जन्म-मृत्यु और वृद्धावस्था सबसे बड़े दुख हैं।
जबकि सतलोक में सर्व सुख हैं। न ही जन्म-मृत्यु का दुख, न ही वृद्धावस्था का दुःख।
Sant Rampal Ji Maharaj.

काल लोक Photo,काल लोक Photo by Ranveer Singh,Ranveer Singh on twitter tweets काल लोक Photo

परमात्मा कहते हैं – पृथ्वी ऊपर पग जो धारे, करोड़ जीव एक दिन में मारे।
ये काल का लोक है यहाँ पल भर में न जाने कितने पाप कराता है ये काल।
जबकि सतलोक में कोई पाप/ जीव हिंसा नहीं होती। सतलोक सुख सागर है।
#सतलोक_Vs_पृथ्वीलोक Sant Rampal Ji Maharaj.

काल लोक Photo,काल लोक Photo by Pappu paswan,Pappu paswan on twitter tweets काल लोक Photo

#सतलोक_Vs_पृथ्वीलोक ♨️
🏡काल लोक/पृथ्वी लोक पर प्रत्येक जीव दुःखी है।
सतलोक सुख का सागर है। वहां दुख नाम की कोई चीज़ नहीं। जन्म-मृत्यु नहीं है। बुढ़ापा नहीं है।.

काल लोक Photo,काल लोक Photo by Navin Sastiya,Navin Sastiya on twitter tweets काल लोक Photo

#सतलोक_Vs_पृथ्वीलोक
काल लोक/पृथ्वी लोक पर प्रत्येक जीव दुःखी है।
सतलोक सुख का सागर है। वहां दुख नाम की कोई चीज़ नहीं। जन्म-मृत्यु नहीं है। बुढ़ापा नहीं है। Sant Rampal Ji Maharaj.

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#सतलोक_Vs_पृथ्वीलोक
काल लोक/पृथ्वी लोक में सब कर्म बंधन से बंधे हैं। जीव को तीनों गुणों के प्रभाव से विवश कर सब कार्य करवाया जाता है।
जबकि सतलोक में किसी गुण का कोई दवाब नहीं है। जीव पूर्णतया स्वतंत्र है।
Sant Rampal Ji Maharaj.

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@anshupandit8818 #सतलोक_Vs_पृथ्वीलोक
सतलोक के मालिक कबीर साहेब जी पूर्ण परमेश्वर मालिक हैं जो असंख्य ब्रह्मांडों के और बहुत दयालु हैं। जबकि पृथ्वी लोक के मालिक
काल भगवान हैं जो कसाई की तरह अपने लोक में जीवों को बांध कर रखते हैं।
Sant Rampal Ji Maharaj.

#सतलोक_Vs_पृथ्वीलोक Sant Rampal Ji Maharaj 🏡काल लोक/पृथ्वी लोक एक कैद खाना है। जहाँ पर 21 ब्रह्मांड का स्वामी ज्योति निरंजन काल/ब्रह्म आत्माओं को दुःखी करने के लिए 84 लाख योनियों में उत्पन्न करता है। जबकि सतलोक परमेश्वर कविर्देव (कबीर साहेब) का लोक है जो अजर अमर अविनाशी लोक.

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#सतलोक_Vs_पृथ्वीलोक🏡सतलोक में दूध की नदियां बहती हैं। वहां किसी वस्तु का अभाव नहीं।
जबकि काल लोक/पृथ्वी लोक पर चारों तरफ गंदगी के ढेर लगे हैं। इस लोक को खोकापुर भी कहते हैं। यहां सब वस्तुओं का अभाव है।.

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